बाबा इतरो बोल मती
सब री पोलां खोल मती
कुण छै कितणा पाणी में
कांण ताकड़ी तोल मती
कुण दूधां रा धोया छै
तूं छूतरका छोल मती
सांपां रै मास्यां कोनी
कर वै झूठा कोल मती
गाडी भरी उलळ ज्यासी
बेसुद दीज्यै झोल मती
घणो नहीं गुंजास अबै
बजा फूटणों ढोल मती
माळा गूंथी रैबादे
आं फूलां नै खोल मती
धरम धाम धन स्यूं भरिया
बांट गरीबां डोल मती।