ऊभी जिण ठौड़ उडीकै तूं,

मैं बठै चालतो आऊं हूं!

चालूं जद थमूं मारग में,

मैं बायरियो बण जावूं हूं!

अर थारै म्हारै बीच इस्यो,

कुणसो है बेसी आंतरियो?

हर-अेक सांस रै सागै मैं,

मीलां नै इंच बणाऊं हूं।

स्रोत
  • पोथी : ओळमों ,
  • सिरजक : किशोर कल्पनाकांत ,
  • संपादक : किशोर कल्पनाकांत ,
  • प्रकाशक : कल्पना लोक प्रकाशन रतनगढ़ (राज.) ,
  • संस्करण : नवम्बर
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