सावण री आ रात च्यानणी, चंदो इमरत बरसावै है
थारै बिना सेज पिया आ, डस-डस ज्यावै है।
लागी आग बिरहा री
काळजो बळै
थारी याद आवै पिया, थारी याद आवै…॥
हिवड़ै मांही हूक उठै, होई फिरूं बावळी
अेक पल ना भूलूं थानै, मिलणै री उतावळी
डाट्या न डटै आंसू
टप-टप झरै
थारी याद आवै पिया, थारी याद आवै…॥
बांकड़ली मूंच्छ्यां का भंवर, थारा वादा टूटग्या
परदेश जाके थे, गौरी नै किंयां भूलग्या
बेगा आवो बालमा
म्हारो जीव डरै
थारी याद आवै पिया, थारी याद आवै…॥