पत्नी पर गीत

गीत7

सावण री आ रात च्यानणी

अजीत सिंह चारण

चंदा-सो थकियो मुखड़ो

बंशीलाल ‘बेकारी’

यो करवा चौथ को दन

देवकी दर्पण ‘रसराज’

अेकली रो चोमासो

हरफूलसिंह ‘रसिक’

अकल ठीकाणै

नानूराम संस्कर्ता

सावण में नीं आवड़ै

किशोर कल्पनाकान्त

साजन गीतां को बोपारी

दुर्गादान सिंह गौड़