किस्यो चढ्यो है रंग यो किसी चढी है भंग

च्यारूंमेर दीखबा लाग्यो थारो रूप अर रंग

रूंख-रूंख में नूवी कूंपळ

गीत मिलण रो गावै

बागां-बागां काळा भंवरा

प्रीत रो रंग उडावै

गूंजै ढोलक ताल मृदंग, बालम जी री चंग

च्यारूंमेर दीखबा लाग्यो, थारो रूप अर रंग

फागण लिखबा बैठी जद-जद

रस सूं भीज्या छंद

फीका सगळा पड़ गया म्हारी

पिचकारी रा रंग

रंग प्रीत रो अैड़ो बिखर्‌यो, हिवडै उठी तरंग

च्यारूंमेर दीखबा लाग्यो थारो रूप अर रंग

तनड़ो भीज्यो मनड़ो भीज्यो

भीज्यो अंग अंग

नैण मिल्या जिण दिन नैणां सूं

म्हैं तो रह गयी दंग

राम बणायो राखै नित थारो म्हारो संग

च्यारूंमेर दीखबा लाग्यो थारो रूप अर रंग

स्रोत
  • पोथी : कथेसर ,
  • सिरजक : अनिता सैनी ,
  • संपादक : रामस्वरूप किसान ,
  • प्रकाशक : कथेसर प्रकाशन ,
  • संस्करण : अप्रैल-जून 2026
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