थांको डील इतर की शीशी सोरम की बाळ कढै छै।
थांको मन गंगा को पाणी, पाप्यां का पाप झड़ै छै॥
हाथां में लछमी को बासो, पावां में रिद-सिध छै।
कंठ सुरसति मनवारां में बाळक की-सी जिद छै॥
थांकी सीख-सलाह में दुर्गा संकट दूर करै छै।
थांको डील इतर की शीशी सोरम की बाळ कढै छै॥
अणहद नाद उठै आंगण में ऊजाळै अर अंधेरी।
घर का दरदळ खड़ग्या सुण-सुण या पायळ की पग फेरी॥
थां चालो तो हिंगळू उघड़ै हांसो तो फूल झड़ै छै।
थांको डील इतर की शीशी सोरम की बाळ कढै छै॥
या काजळ की कारीगरी अर यो नथ को बळखाबो सा।
माथो ढांक मुळकबो थांको मूंडै ऊंगळी खाबो सा॥
होठां ऊपर काळो तिल कामण का कान भरै छै।
थांको डील इतर की शीशी सोरम की बाळ कढै छै॥
थांका हाथां की मूठ्यां सूं धन्न-धन्न अन्न होग्यो जी।
अभ्यागत आशीषै कटग्यो पाप-धरम पुन होग्यो जी॥
थांका पोया फुलका में सा चांद-सूरज उघड़ै छै।
थांको डील इतर की शीशी सोरम की बाळ कढै छै॥
जोबण का बत्तीसूं भोजन अर ऊमर की तरकारी।
नखरां को जळ-पान, बायरो पल्ला को, आंणदकारी॥
गोडी गाळ बैठबो ज्यूं सावणियो बाहर खड़ै छै।
थांको डील इतर की शीशी सोरम की बाळ कढै छै।
थांको मन गंगा को पाणी पाप्यां का पाप झड़ै छै॥