पिवजी बैठा अे माळवै

कोई, घरां अे उडीकै नार, मारूजी घर आवौ

थांरी झुर-झुर मर रही नार, भंवरजी घर आवौ

म्हारौ आंगण सूनौ यूं पड़्यौ

कोई पाणी विना अे तळाव, मारूजी घर आवौ

थांरी खड़ी अे उडीकै नार, वादीला घर आवौ

म्हारौ महल'ज सूनौ यूं पड़्यौ

कोई ज्यूं दिवला विन वाट, आंटीला घर आवौ

थांरी खड़ी अे उडीकै नार, भंवरजी घर आवौ

म्हारी बैठक सूनी यूं पड़ी

कोई, ज्यूं बांबी विन नाग, ढोला घर आवौ

थांरी घरां अे उडीकै नार, मारूजी घर आवौ

थांरी नार पळ-पळ यूं झुरै

कोई, ज्यूं सीता विन राम, अेकर घर आवौ

थांरी खड़ी अे उडीकै नार, भंवरजी घर आवौ...

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