सुणो, ओ भंवर! म्हांनै सपनौ-सौ आयौ, जी राज!
सुपनै रौ अरथ बतावौ, जी राज!
कहो, अे गोरी, थांनै किण विध आयौ, जी राज!
सपनै रौ अरथ बतावां, जी राज!
हंस-सरोवर, ढोला, गाजत देख्यौ, जी राज!
मान-सरोवर जळभर्यौ, राज!
बागां मांयला चपला म्हैं फूलत देख्या, जी राज!
फुलड़ा बिणै दोय कामणी, राज
पीळां मांयला हसती म्हैं घूमत देख्या, जी राज!
हरी-हरी दूब घोड़ा चरै, राज!
आंगणियां रौ चौक म्हैं पूरत देख्यौ, जी राज!
ऊपर कूंभ-कळस धर्यौ, राज!
महलां मांयलौ दिवलौ म्हैं जगतौ भी देख्यौ, जी राज!
दिवला री जोत सुहायी, राज!
हंस-सरोवर गोरी, पीर तुम्हारौ, जी राज!
मान-सरोवर थांरौ सासरौ, राज!
बागां मांयला चंपला बै वीर तुम्हारा, जी राज!
फुलड़ा बिणै थां री भावजां, राज!
पीळां मांयला हसती बै जेठ तुम्हारा, जी राज!
हरी-हरी दूब सुवासणी, राज!
आंगणियां रौ चौक बो कंवर तुम्हारौ, जी राज!
कूंभ-कळस थां री कुळबहू, राज!
महलां मांयलौ दिवलौ बो कंत तुम्हारौ, जी राज!
दिवला री जोत सायबणी, राज!
धन-धन, जी वासदेवजी रा छावा, जी राज!
सपना रौ अरथ भलौ दियौ, राज!
धन-धन, अे साजनियां री जायी, जी राज!
सपना रौ अरथ भलौ लियौ, राज!