पहलो तो फेरो ए लाडी, बाबासा री प्यारी,

दूजो तो फेरो ए लाडी दादासा री प्यारी,

तीजो तो फेरो ए लाडी, काकासा री प्यारी,

चौथो तो फेरो ए लाडी, बीराजी री प्यारी,

पांचवों तो फेरो ए लाडी, मामाजी री प्यारी,

छठो तो फेरो ए लाडी, मासीजी री प्यारी,

सातवो तो फेरो ए लाडी, हुई छै पराई।

स्रोत
  • पोथी : राजस्थानी लोकगीत ,
  • संपादक : पुरुषोत्तमलाल मेनारिया ,
  • प्रकाशक : चिन्मय प्रकाशन
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