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साइट: परिचय
संस्थापक: परिचय
अंजस सोशल मीडिया
पछि पांणी राखै नही
बखना जी
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पंछि
पांणी
राखै
नहीं,
जौ
भावै
सो
खाइ।
तौ
ओसदि
गुण
नां
करै,
‘बखना’
ब्याधि
न
जाइ॥
स्रोत
पोथी
: बखना जी की वाणी
,
सिरजक
: बखना जी
,
संपादक
: मंगलदास स्वामी
,
प्रकाशक
: लक्ष्मीराम ट्रस्ट, जयपुर
,
संस्करण
: प्रथम
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