गिर ऊंचा ऊंचा गढां, ऊंचा जस अप्रमांण।

मांझी धर मेवाड़ रा, नर खटरा निरखाण॥

स्रोत
  • पोथी : राजस्थान में स्वतंत्रता संग्राम के अमर पुरोधा केसरी सिंह बारहठ ,
  • सिरजक : केसरी सिंह बारहठ ,
  • संपादक : डॉ. सोहनदान चारण ,
  • प्रकाशक : राजस्थान स्वर्ण जयंती समारोह समिति, जयपुर ,
  • संस्करण : प्रथम
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