सतगुरु कूँ परस्या नहीं, सिमर्या नाहीं राम।

ते नर पसू समान है, सास लेत बेकाम॥

स्रोत
  • पोथी : दरियाव- ग्रंथावली ,
  • सिरजक : संत दरियाव जी ,
  • संपादक : ब्रजेंद्र कुमार सिंहल ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी ग्रन्थागार, जोधपुर
जुड़्योड़ा विसै