दादू केई दौड़े द्वारिका,कोई कासी जांहि।

कयी मथुरा को चले, साहिब घट ही मांहि॥

स्रोत
  • पोथी : श्री दादू वाणी (कस्तुरिया मृग को अंग से उद्धृत) ,
  • सिरजक : दादूदयाल ,
  • संपादक : नारायण स्वामी ,
  • प्रकाशक : श्री दादू दयालु महासभा , जयपुर ,
  • संस्करण : प्रथम
जुड़्योड़ा विसै