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साइट: परिचय
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अंजस सोशल मीडिया
आया होई तो जाई क्यूं
बखना जी
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आया
होई
तो
जाई
क्यूं,
न
पीड़ा
न
पुकारि।
लोक
दिखावां
करै
थी,
‘बखना’
माथैं
मारि॥
स्रोत
पोथी
: बखना जी की वाणी
,
सिरजक
: बखना जी
,
संपादक
: मंगलदास स्वामी
,
प्रकाशक
: लक्ष्मीराम ट्रस्ट, जयपुर
,
संस्करण
: प्रथम
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