तातारी दळ अतुळ साजि रमजान कुतुब सह।

मुगल साह तैंमूर आइ दिल्ली जय आग्रह।

सक चोवन चउ सोम हांकि संका विणु हैंबर।

पाणीपथ लग पूगि धणी बणियो आरिजधर।

महमूद मीर निरखे निबळ कचरघाण घमसाण करि।

मंडियो तखत दिल्ली मुगल कातर बंस पठाण करि॥

स्रोत
  • पोथी : वंश भास्कर भाग 4 ,
  • सिरजक : सूर्यमल्ल मीसण ,
  • संपादक : डॉ. चंद्रप्रकाश देवल ,
  • प्रकाशक : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
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