चंग होली के पर्व पर किया जाने वाला शेखावाटी क्षेत्र का उत्सवधर्मी नृत्य है, जो कि पुरुषों द्वारा किया जाता है। इस नृत्य में प्रत्येक पुरुष के पास चंग होता है, वे स्वयं चंग बजाते हुए वृत्ताकार नृत्य करते हैं, एक हाथ की कोहनी में चंग को पकड़ा जाता है तथा दूसरे खुले हाथ से उसे बजाया जाता है, तत्पश्चात घेरे के बीच में एक झुण्ड के रूप में एकत्रित होकर गीत की पंक्तियाँ गायी जाती हैं—
“काहे से रची है जुलमी काहे से
कठै बहाद्यूँ तेरौ झीले रै कजवो
कठै बहाद्यूँ बूटो रचैणी को!”
गाने के पश्चात् वृत्ताकार होकर पुनः नृत्य किया जाता है। चंग नृत्य में सामान्य पोषाक— धोती, चूड़ीदार पायजामा, कुर्ता या कमीज़ पहनते हैं साथ ही इसमें सिर पर रूमाल, कमर में कमरबंदा और पांवों में घुँघरू पहने जाते हैं।