Man Re Paras Hari Ra Charan | Hullas Purohit | मन रे परस हरि रा चरण | मीराबाई के कृष्ण भजन . मन रे परस हरि रा चरण, मीराबाई से प्रेरित कृष्ण भजन है, जिसे हुल्लास पुरोहित ने गाया है। इसका संगीत राजस्थानी लोकधारा से जुड़ा हुआ है, और इसकी धुन ऐसी है कि शब्द पूरी स्पष्टता के साथ उभरकर सामने आते हैं। यह भक्ति गीत प्रेम, आस्था और हरि के चरणों में समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। इसके बोल एक सरल संदेश देते हैं। मन को कृष्ण के चरणों में विश्राम करने दो। अहंकार को छोड़ दो। यह भजन भगवान के उन दिव्य कार्यों का भी स्मरण कराता है, जिनमें उन्होंने अपने भक्तों की रक्षा की और अहंकार का नाश किया। यहाँ कुछ भी जल्दबाज़ी में नहीं है। इसकी लय शांत और स्थिर है। इसका भाव ऐसा है जैसे एक शांत प्रार्थना, जिसके पास बार-बार लौटा जा सके। Man Re Paras Hari Ra Charan is a Meerabai-inspired Krishna bhajan sung by Hullas Purohit. The sound stays rooted in Rajasthani folk, with a melody that keeps the words clear. This is a bhakti song about love, faith, and surrender at Hari’s feet. The lyrics carry a simple message. Let the mind rest at Krishna’s charan. Let pride drop. The bhajan also remembers the divine acts of the Lord, protecting devotees and breaking the ego. Nothing is rushed here. The pace is steady. The mood is calm, like a quiet prayer you can return to. . Facebook: https://www.facebook.com/anjasrajasthani Instagram: https://www.instagram.com/anjasrajasthani/ Twitter: https://twitter.com/anjasrajasthani Literature Website: https://anjas.org/ Festival Website: https://anjasmahotsav.org/ ___________________________________________________________________________________ अंजस कांई? अंजस राजस्थान री कला, साहित्य अर संस्कृति रो कोस है जिणमें सामिल है— कविता, कथा, कहाणी, बातां, ख्यातां अर लोक रो फूटरापौ। आ खेचळ रेख्ता फाउंडेशन कीन्ही है। अंजस रा अंग अबार इण खेचळ रा कैई न्यारा-न्यारा अंग है: जूनौ कोस: 13वीं सदी सूं ले’र 19वीं सदी रै लिखित साहित्य रो कोस। नूवौ कोस: सन् 1900 सूं आज तांई री लिख्योड़ै साहित्य रो कोस। वाचिक परंपरावां रो कोस जिण मांय सामिल रैसी लोक कथा, लोक गीत, औखाणा, संस्मरण इत्याद। अंजस महोत्सव: राजस्थानी भासा अर साहित्य रो वार्षिकोत्सव। भविख री बाट अंजस राजस्थानी भासा रो सगळा सूं लूंठो कोस बण’र त्यार होवैला अेड़ी आसा है। ओ कोस राजस्थानी पाठक वर्ग नै पूरै रूप सूं बिन्या कोई पैसां रै सब जिग्यां उपलब्ध रैवैला। आ खेचळ कितरी सारथक होवै इण बात री साख तो राजस्थानी रो आखौ पाठक वर्ग तै करेला, पण आपरी सिमरधता रै साथै जारी राजस्थानी रो पैलो उपक्रम है। . #krishnabhajan #meerabai #rajasthanifolk #bhaktisong #devotionalsong #hindibhajan #krishnabhakti #folkbhajan #hullaspurohit #bhajan