आदिवासी पर लेख
दलित-विमर्श की तरह ही
आदिवासी-विमर्श भी हिंदी साहित्य और कविता में गए कुछ दशकों में प्रमुखता से उभरा है। प्रस्तुत चयन आदिवासी समाज को आधार बनाने वाली कविताओं से किया गया है।
आदिवासी-विमर्श भी हिंदी साहित्य और कविता में गए कुछ दशकों में प्रमुखता से उभरा है। प्रस्तुत चयन आदिवासी समाज को आधार बनाने वाली कविताओं से किया गया है।
आई. अे. अेस री ट्रेनिंग रै बाद पैली पोस्टिंग अेस.डी.अेम. माउंट आबू रै रूप मांय मिली। पैली पोस्टिंग अर बा ई राजस्थान रै सुरग मांय, जठै माउंट आबू तो टूरिस्टां सूं भरयो रैवतो, पण आबू रोड (तहसील आबू रोड मांय है अर अेस.डी.अेम माउंट आबू) तो टूरिस्टां सूं भरयौ