कहाणी पर बंतळ
मायड़ भाषा जन जन री मूळ अस्मिता हुवै यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ राजस्थानी अर हिंदी रा चावा लिखारा। हिंदी में आपरी केई पोथ्यां छप्योड़ी। राजस्थानी में ‘हूं गोरी किण पीव री’, ‘जोग-संजोग’, ‘चांदा सेठाणी’ उपन्यास अर ‘ताश रौ घर’ नाटक छप्या थका। चन्द्रजी