राजस्थान पर बंतळ
राजस्थांन रा राजनेता राजस्थांनी भासा सारू गहराई कदैई विचार नीं करियौ प्रहलाद जोसी : राजस्थान अेक पिछड़ियोड़ौ प्रांत गिणीजै, इणरै सरवांगीण विकास सारू आपनै किसा-किसा कांम महताऊ लागै? भैरौसिंघजी सेखावत : आ बात सही है के राजस्थान अेक पिछड़्योड़ौ प्रांत
मांड म्हनै घणी पसंद है चन्द्राणी मुखर्जी गीत-संगीत—खासकर फिलमी संगीत री दुनियां रौ अेक सैंधौ-मैंधौ नांव है। ‘ओ रे सजनवा क्या होती है’ गीत सूं खुद री पिछांण बणावण आळी अर ‘मेरे मेहबूब शायद आज कुछ नाराज हैं मुझसे’ गीत सूं प्रसिद्धि अर लोकप्रियता रै
प्राथमिक शिक्षा रौ माध्यम तौ मायड़ भाषा ई होवणौ चाइजै देस-परदेस रै शिक्षा-जगत में जिण नांव री साख देतां राजस्थान वासी गुमेज कर सकै वो अेक नांव है प्रोफेसर वी.वी. जॉन। प्रो. जॉन राजस्थान रा जाया जलम्या नी है, पण वै आज री घड़ी अेक राजस्थानी सूं बत्ता
दूजा प्रान्तां ज्यूं राजस्थान में क्रिकेट रौ माहौल हाल कोनी बण्यौ : गावस्कर सुनील गावस्कर रै बारै में देस भर रै पत्र-पत्रिकावां में इत्तौ बेसी लिख्यौ जा चुक्यौ है क कीं लिखण री हिम्मत ई नीं पड़ै। गावस्कर जकौ शोहरत-सम्मान अर रुपियौ-पइसौ क्रिकेट रै