नेता पर हाइकू

भारतीय राजनीति और लोकतंत्र

की दशा-दिशा से संवाद को हिंदी कविता ने किसी कर्तव्य की तरह अपने ऊपर हावी रखा है और इस क्रम में इसके प्रतिनिधि के रूप में नेता या राजनेता से प्रश्नरत बनी रही है। प्रस्तुत चयन में ऐसी ही कविताओं का है।

हाइकू3

नेम कायदा

हरिराम शर्मा ‘हरि’

जीत्यां फेर बै

हरिराम शर्मा ‘हरि’

कुर्‌सी मिलगी

हरिराम शर्मा ‘हरि’