चै'रौ पर चौपाई

चेहरा किसी व्यक्ति की

पहचान से संलग्न है और इस आशय में उसके पूरे अस्तित्व से जुड़ा प्रसंग है। भाषा ने चेहरे पर उठते-गिरते भावों के लिए मुहावरे गढ़े हैं। उसे आईना भी कहा गया है। इस चयन में चेहरे को प्रसंग बनातीं कविताएँ संकलित हैं।

चौपाई10

माखण मुखमल परि सुकमाल

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

चिहुं दिसि चलकइ कुंडळ नूर

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

अद्भुत रूप अनुपम गात

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

दंत-पंति दीपइ ऊजळी

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

केसरि-लंक नितंब विशाल

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'