दीवाळी पर लेख
दिवाली या दीपावली हिंदुओं
का एक प्रमुख पर्व है। इसे अँधेरे पर उजाले की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। प्रस्तुत चयन इन दोनों ही आशयों के इर्द-गिर्द दीप जलाती कविताओं से किया गया है।
का एक प्रमुख पर्व है। इसे अँधेरे पर उजाले की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। प्रस्तुत चयन इन दोनों ही आशयों के इर्द-गिर्द दीप जलाती कविताओं से किया गया है।
दीवाळी रौ तिंवार घणा जूना-जूना तिंवारां में सूं अेक है। कोई कैवै रामचंदरजी लंका जीत’र अजोध्या पधार्या जद परजा दीवा जोय-जोय वां रा बधावणा कर्या, कोई कैवै लिछमीजी री आराधना आज रै दिन कर्यां लिछमीजी अन-धन सूं घर पूर दैवै। आपणै पुराणां में कह्योड़ी महारात्रियां