रीति-रिवाज पर लेख
राजस्थान रौ त्याग, स्वाभिमान, बळिदान, वीरता, ईश भक्ति अर मिनखपणौ जगचावौ। रवि ठाकुर जिसा विश्व कवि अर संवेदनशीळ व्यक्ति राजस्थान रै इण गुणां सूं घणा प्रभावित रह्या। वे आंतरिक भाव सूं राजस्थान सागै जुड़्योड़ा हा। वांरौ अंतस इसै उदात्त मानवीय गुणां सूं
दीवाळी रौ तिंवार घणा जूना-जूना तिंवारां में सूं अेक है। कोई कैवै रामचंदरजी लंका जीत’र अजोध्या पधार्या जद परजा दीवा जोय-जोय वां रा बधावणा कर्या, कोई कैवै लिछमीजी री आराधना आज रै दिन कर्यां लिछमीजी अन-धन सूं घर पूर दैवै। आपणै पुराणां में कह्योड़ी महारात्रियां