जोत रतन मांहे कोई, जागत जोगी जारै।
अवल जको अवधूत, भक्त सो ब्रह्मा बिचारै।
आसा तृष्णा जाळ, आत्मा पांचूं ठारै।
कूड़ा कांणा तीन, पाक जाक पौबारै।
मीठी बेरी साध, पीयै जुग समंदर खारै।
लालू गोबंद गाय, अणद हर करसी थारै।