राजस्थानी सबदकोस

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पंचरत्न रो राजस्थानी अर्थ

पंचरत्न

  • शब्दभेद : सं.पु.

शब्दार्थ

  • पाँच प्रकार के रत्न यथा--माणिक्य, पन्ना (मरकत), पुष्पराज, हीरा व नीलम। मतान्तर--सोना, चाँदी, मोती, लाजावर्त व मूंगा। मतान्तर--सुवर्ण, हीरा, नीलम, पद्मराग व मोती। मतान्तर--नीलम, हीरा, पद्मराग, मोती व मूंगा
  • श्रीअच्युत विरचित एक स्तोत्र का नाम
  • अनुस्मृति, गजेन्द्रमोक्ष, गीता, भीष्मस्तव और विष्णुसहस्रनाम--इन पांच ग्रंथों के संग्रह का नाम