राजस्थानी अर हिन्दी रा सिरैनांव गीतकार अर कवि।
काख में बिस्तर
रात तो अेकलपणै री अेक गरदिस ही तो है
सोच रो वातावरण गंदो हुयो है
थोड़ै सबदां में