चावा लेखक-संपादक। भासा अर व्याकरण री गै'री समझ।
भटकाव
अंगूठो
आतंकी : तीन चित्र
प्रीत री डोर
सुरच्छा : दो चित्र
दया
दीठ
भोळी बातां