बात सुणो हिव पाछली हंसा ने सरवर घणा जाइ मिलिया परभावती जाय पूछ्यो महल में लोकां आगें इम कहै पान पदारथ सुघड़ नर राजा विण सोभे नहीं राणौ आयो रतनसी सभा माहि बैठो सकज