जैन मुनि लब्धोदय, ‘पद्मिनी चरित्र चौपाई’ रा सिरजणहार।
दिन दिन हे सखि
राणी हे सखि राणि हे अति हे सरूप
राणो हे सखि राणो हे अति रंढाल