कन्हैयालाल सेठिया 1919-2008 bikaner आधुनिक राजस्थानी साहित्य मांय पै’ली पांत रा सिरैनांव कवि। 'महाकवि' रै रूप में ई पिछाण।
गीत7 माळीड़ा, मत चूंट फूल तो गोरै दिन रै लारै सिंझ्या बहू सांवळी आई बटाऊ रो गीत बैरण बांसलड़ी सीपी, पाळ पेट में मोती