सांवरियो मोह्यो हे रंगीली नथवारी !

घूमघुमाळो लहंगो अतलसी जरकस रेसम सारी

कुच कठोर पर अंगिया सोहै ऊपर हार हजारी

मोतियन माल गळा विच सोहै दुलड़ी अजब संवारी

रतनजड़त भुज बाजू सोहै कांकण सबदाकारी

भंवर कबाण तणी भौंहन री नैण अनोखा अणियांरी

निरखत लगै बाण उर बेधै सुंदर कामणगारी

स्यामसुंदर कूं हित कर जोवो भर लोचन अंकवारी

पदम भणै प्रणवै पाय लागूं उबर्‌यो सरण तिहारी

स्रोत
  • पोथी : रुक्मिणी मंगळ ,
  • सिरजक : पदम भगत ,
  • संपादक : सत्यनारायण स्वामी ,
  • प्रकाशक : भुवन वाणी ट्रस्ट, लखनऊ -226020 ,
  • संस्करण : प्रथम
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