नींदौ रे भाइ नींदौ रे। अरध जोनि मैं हींदौ रे॥

साधां नैं संतावै रे। सो कियौ आपणौं पावै रे॥

न्यंद्या भलौ होई रे। ताथैं करौ कोई रे॥

न्यंदक कूदै नाचै रे। पाछैं घरि घरि जाचै रे॥

टीला न्यंदक भाई रे। सगळा दुख ले जाई रे॥

स्रोत
  • पोथी : संत टीला पदावली ,
  • सिरजक : संत टीला ,
  • संपादक : बृजेन्द्र कुमार सिंघल ,
  • प्रकाशक : प्रकाशन संस्थान, दरियागंज, नयी दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
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