नींदौ रे भाइ नींदौ रे। अरध जोनि मैं हींदौ रे॥
साधां नैं र संतावै रे। सो कियौ आपणौं पावै रे॥
न्यंद्या भलौ न होई रे। ताथैं करौ न कोई रे॥
न्यंदक कूदै नाचै रे। पाछैं घरि घरि जाचै रे॥
टीला न्यंदक भाई रे। सगळा दुख ले जाई रे॥