क्यूंन्हैं नींदौ म्हांनैं रे। थांकौ कीयौ थांनैं रे॥

साहिब सूं मन लायौ रे। टूकौ पांणीं खायौ रे॥

छाजन रांम खंदायौ रे। सो म्हे अंगि लगायौ रे॥

कुल क्रंम कोइ कमायौ रे। कोइ खोसि खायौ रे॥

न्यंदक कहै अबिचारी रे। टीला मांथै मारी रे॥

स्रोत
  • पोथी : संत टीला पदावली ,
  • सिरजक : संत टीला ,
  • संपादक : बृजेन्द्र कुमार सिंघल ,
  • प्रकाशक : प्रकाशन संस्थान, दरियागंज, नयी दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
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