सखी सहेली प्यारी
रुकमण नै हद सिणगारी
सिर सीसफूल दीया छिब भाण कैसी लीयां
मसतक आड है भारी छिब देख कै बळिहारी
मींडी बहोत सिणगारी मानूं नागणी सी कारी
माथै विंदो लायो मानूं चांद सो उगायो
नैणां में सुरमो सार्यो भ्रूह मानो धनुस धार्यो
नाक में नथियां सोहै छिब देख कै मन मोहै
जरकसी लहंगो पहर्यो ओढ्यो चीर ज लहर्यो
जा मैं हीरा मोती जड़िया रवि कोट छिब कूं हरिया
करणफूल सोहै भारी जुलफां जू कारी कारी
रवि जात री छिब भारी इत मानूं चंद उजारी
कुच कंचूकी पाटी छिब दामनी री दाटी
गळ हीर-हार भारी जापै पदम भगत बळिहारी