बाजीगर कौ आवै हासौ। जिहि यहु कीयौ बड़ौ तमासौ॥
बाजीगर कलधरी बणाई। आपैं बाजी होती जाइ॥
नांनां बिधि बाजी यहु फूली। ताकूं देखि दुनीं सब भूली॥
इहिं बाजी सब जीव नचाया। भांनैं घड़ै सु नजरि न आया॥
बाजीगर अंतरगति रहै। मांहै बैठौ सब कुछ कहै॥
टीला बाजीगर सूं लागै। तौ इहिं बाजी सूं मन भागै॥