ग्वाड़ी-ग्वाड़ी अठै बिरज है पोळ-पोळ में गोकळ,
बाबा नंद घणा ही घूमै नहीं जाणै वै छळबळ।
सीधा-सादा कृष्ण कन्हैया कितरा ही बल भैया,
गळी-गळी में गैली राधा चौक-चौक में रुकमण।