क्वांरी किरणां बिलोवणी में छम्मक-छम्मक नाचै

राम रवाई दहिया आखर ठैर-ठैर नै बांचै,

कांचळियां रा कसणां कसकै हियै हबोळा माचै,

लूण्या जेड़ी कंवळी कामण झुक-झुक लूण्यो जांचै।

स्रोत
  • पोथी : जागती-जोत ,
  • सिरजक : भगवतीलाल व्यास ,
  • संपादक : कन्हैयालाल शर्मा ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादेमी, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : मई, अंक - 03
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