Anjas

बाड़मेर रा कवि/ रचनाकार

कुल: 28

अनुज श्रीमाली ‘भाल कवि’
बाबूलाल संखलेचा

बाबूलाल संखलेचा

चावा कवि-लेखक।

बांकीदास आशिया

बांकीदास आशिया

मध्यकाल रा सिरै डिंगल कवि अर राष्ट्रीय चेतना परक गीत लिखण वाळा पैला कवि। वीर, शृंगार, नीति, भक्ति आद सगळी धारावां में समान रूप सूं सृजन करियो।

1771 - 1833
भीखालाल व्यास

भीखालाल व्यास

इण सदी रा कवि-लेखक।

भूपतिराम साकरिया
भूरचन्दर जैन

भूरचन्दर जैन

राजस्थानी रा सांतरा कवि।

बुधजी आशिया

बुधजी आशिया

डिंगल- पिंगल रा प्रकाण्ड पण्डित अर जगत कवि री उपाधि सूं विभूषित। 'दरजी मयाराम री बात' जैड़ी उच्च कोटि री रचना रा रचनाकार।

1784 - 1863
चाँद माथुर

चाँद माथुर

राजस्थानी रा सांतरा कवि।

गंगाराम बोगसा

गंगाराम बोगसा

उत्तर मध्यकाल रा प्रमुख डिंगल कवि। फूटकर रचनावां मिळै। घणकारी रचनावां शक्ति काव्य अर नीति सूं सम्बंधित।

1800 - 1900
गणपत सिंह

गणपत सिंह

राजस्थानी रा कवि।

ईसरदास बारहठ

ईसरदास बारहठ

'ईसरा-परमेसरा' रे विरुद सूं विख्यात। डिंगल रा सिरै भगत कवियों में पैलो नांव। 'देवियाण', 'हरिरस', 'निंदा-स्तुति', 'गुण भागवत हंस' जिसी ठावकी भगतिपरक रचनावां सागै ही 'हालां-झालां रा कुंडलिया' जिसी ऊंचे दरजे री वीर रस री रचना रा भी सिरजक।

1538 - 1618
ईसरदास बोगसा

ईसरदास बोगसा

'ईस-आराधना' नांव री चावी भक्ति रचना रा सिरजण करियो पण नांव साम्यता रै कारण रचना ईसरदासजी बारहठ रै नांव मंडीजगी अर असली कवि प्रसिद्धि कोनी पा सकियो।

1855 - 1916
जेठानंद पंवार

जेठानंद पंवार

नूवी पीढ़ी रा कवि-लेखक।

2001
कन्हैयालाल ‘वक्र’

कन्हैयालाल ‘वक्र’

राजस्थानी रा कवि-लेखक।

मानसिंह राठौड़ ‘मातासर’

मानसिंह राठौड़ ‘मातासर’

चावा कवि-लेखक।

1980
मेहा बीठू

मेहा बीठू

मध्यकाल रा सिरै डिंगल कवि। शक्ति काव्य सूं सम्बंधित रचनाकारां में चावो नांव।

मोड़जी आशिया

मोड़जी आशिया

सिरै डिंगल कवि। लोक नायक 'पाबूजी' सूं सम्बंधित ग्रंथ 'पाबू-प्रकास' प्रसिद्धि रो आधार।

नंद भारद्वाज

नंद भारद्वाज

सिरैनांव कवि-कहाणीकार-संपादक अर उल्थाकार।

1948
नृसिंह राजपुरोहित

नृसिंह राजपुरोहित

राजस्थानी कहाणी नै अलग मोड़ देवणिया कथाकार। केंद्रीय साहित्य अकादमी सूं सम्मानित।

ओमप्रकाश गर्ग 'मधुप'

ओमप्रकाश गर्ग 'मधुप'

चावा कवि-लेखक।