कहै दास संग्राम ऊंट मत कर अरड़ाटा।
बिना गुन्है ही डंड लाट तो करड़ा लाटा।
करड़ा लाटा लाटतो कह्यो मानतो नांहि।
बड़ा बड़ा दुख देखसी जनम जनम के मांहि।
जनम जनम के मांहि करम कीन्हा है माठा।
कहै दास संग्राम ऊंट मत कर अरड़ाटा॥