संत संग्रामदास
रामस्नेही पंथ रा संत मुरलीराम महाराज रा सिस्य।
रामस्नेही पंथ रा संत मुरलीराम महाराज रा सिस्य।
आन देवरा दास घणौ दीखेलो भूंडो
आन निमित्त तो सहंस मण राम निमत कण एक
असी बरस की आयु में सोवत गई चाळीस
बाळूं बा रसना परी कबून सुमरे राम
हरिचंद सत संग्राम कहै करड़ो घणौ निराट
जनम जनम में कीयो करज है माथै करड़ो
कहै दास संग्राम धणी चाहीजे पूठी
कहै दास संग्राम घणौ बाजै है जाडौ
कहै दास संग्राम सुण हे धन री धणीयांणी
कहै दास संग्राम सुणों हो सज्जन मीता
कहे दास संग्राम गुरां की महिमा भारी
कहे दास संग्राम मार मत रे मन भटका
कहे दास संग्राम म्हने यो इचरज आवै
कहै दास संग्राम ऊंट मत कर अरड़ाटा
कहे दास संग्राम राम रसरा ल्यो गटका
मीरां जनमी मेड़ते परणाई चित्तौड़
मिनख मिनख सब सारसा जांणै लोक गिंवार
मिनखा तन दीन्हों तनै भौंदू भज रे पीव
रामचरण महाराज रा ए देखो निसांण
रामचरण महाराज रो कठिण त्याग वैराग
षट सासां की एक पल घड़ी एक पल साठ
सुण हाकम संग्राम कह आंधो मत होई यार