कहै दास संग्राम सुणों हो सज्जन मीता।
यो शबद रटो दिन रात कह्यो लछमण ने सीता।
लछमण ने सीता कह्यो अरजुन ने भगवान।
पारबती ने शिव कह्यो धरो रात दिन ध्यान।
धरो रात दिन ध्यान जाय है निश दिन बीता।
कहै दास संग्राम सुणौ हो सज्जन मीता॥