जनम जनम में कीयो करज है माथै करड़ो।
मिनख कियो म्हाराज काटि दे क्यूं नहीं वरड़ो।
यो वरड़ौ करड़ो घणो कींकर कटै वताय।
निसबासर संग्राम कहै राम धणी नै ध्याय।
राम धणीन ध्याय बाळदे खांवद खरड़ो।
जनम जनम में कीयो करज है माथै करड़ौ॥