कहे दास संग्राम म्हने यो इचरज आवै।
मिनख कियो म्हाराज भळै तूं कांई चाह्वै।
कांई चाह्वै है भळै यूं तो म्हने बताय।
राम राम कहे रात दिन तो जनम मरण मिट जाय।
जनम मरण मिट जाय वास अमरापुर पावे।
कहै दास संग्राम म्हने यो इचरज आवै॥