असी बरस की आयु में सोवत गई चाळीस।
बारा बरस बालापण गई बाकी आठ र बीस।
बाकी आठ र बीस पछाड़ी बाह रे बूढौ।
सोळह में संग्राम कहै तिरौ ने भावै बूडौ।
तातें भजिये राम कूं संत चरण धर सीस।
असी बरस की आयु में सोवत गई चाळीस॥