पान हुते पातरी, पेम-पूरण सू लाजत,
भुज म्रणाल सुविसाल, चाल हंसागति चालत।
चंपावरण सुचंग, सूर ऊजासी भालै,
पदम चरण तल रहै, निरख सुरनर मुनि भालै।
हर लंक, अंग-चंदन, नार सकल-सिर मुगटमणि,
अल्लावदीन सुरतांण सुण, पदमन लच्छन एह भणि॥