पदमगंध पदमनी, भमर चहुंफेर भमत अत,
चंद वदन, चतुरंग, अंग चंदन सो वासत।
सेत, स्याम अरु अरन, नयन-राजीव विराजित,
कीर चुंच नासिका, रूप रंभादिक लाजत।
गुणवंत दंत दाड़िम कुली, अधर लाल, हीरा दसन,
आहार पान कोमल अधिक, रस सिंगार नव सत वसन॥