छैलो छाती छोलतो, हांडै गळियां बीच।

बाप कमाई फूंकतो, दोनूं दीदा मींच॥

दोनूं दीदा मींच, सरारा सुरग दिखावै।

जै दिखज्या सलवार, पार भव सै करवावै॥

टेडी काडै टाळ, बाड़ में जाणै गैलो।

डोकै घट्टो डील, हवा सैं हालै छैलो॥

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : भगवतीप्रसाद चौधरी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : भगवतीप्रसाद चौधरी
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