मावड़ धरती मरुधरा वीरां री खांण

नग कण हीरा नीपजै इण धरती रै पांण

सूरज उगतौ सीस निमावै

इणनै देव निरख मुळकावै

इणरी गाथा कण-कण गावै

वसुधा वीरां री, धरती वीरां री

सूरमा कटकै रटक मचाव

बावन भैरूं चकर चलावै

खप्पर जोगणियां भर जावै

हंसता हीरां री, वसुधा वीरां री

राणै रणखांडा पळकाया

भाला दुरगदास भळकाया

खाळा जूंझारां खळकाया

तीखा तीरां री, वसुधा वीरां री

आगरौ अमरसिंघ धुजायौ

तेजै घर-घर नाग पूजायौ

जौहर पदमण कर दिखलायौ

माटी मीरां री, वसुधा वीरां री

पोथी कवियां जद-जद बाची

रजवट नड़ी-नड़ी में नाची

तौ लोही रै रंग राची

धिन धिन धोरां री, धरती वीरां री

सूरज उगतौ सीस निमावै

इणनै देव निरख मुळकावै

इणरी गाथा कण-कण गावै

वसुधा वीरां री, धरती वीरां री

स्रोत
  • पोथी : अंवेर ,
  • सिरजक : रेवंतदान चारण ,
  • संपादक : पारस अरोड़ा ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी
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