किसन रूप किरसाण, भूप राम भोमी रमण

उपजावण अड़ आण, खाण मतीरा खेतड़ां॥1

खेत मरू खरबूज, तरबूजां तरकारियां

करण कसूमा कूंज, मोटां फळां मतीरियाँ॥2

काळा बीजां कोय, बीजा बाण्यां बामणा

जाट मतीरां जोय, बीजां नांव बमोळसा॥3

पन्नां डोरां पोय, माणक मोती बीज भल

गिरी गुलाबी गोय, रंजै मिनख मतीरियाँ॥4

थळी मतीरा थाट, मिनखां थट मनुवारड़ी

चतरां फळ जळ चाट, पतर मतीरां पीवणै॥5

भलां सजळ फळ भूप, सिरै मनोहर साख मद

अवनी रूप अनूप, माखण कंद मतीरियाँ॥6

मोट फळां मरजाद, कटेल अनरस कूम्हड़ा

सारां वतो सुवाद, गोळ-मटोळ मतीरियाँ॥7

सरबत भरिया सार, नव धर धोरां नीपजै

खावै दुनियाँ खार, मिलै कदे मतीरिया॥8

जरियां, बाळ, जुवान, हसरत मन परसत हिलै

मुदै खेत मैं’मान, दावत देण मतीरियाँ॥9

असम, बंग सूं आय, अलख अमीरां ओळख्या

जद खै: खेतां जाय, मुळकत पुळक मतीरियाँ॥10

सेठाणी सिरदार, सीकंटाळा सोधवै

भटक भलेरै भार, गटकै गिरी मतीरियाँ॥11

ऊँटां विकणा आय, ढिगां लसत दाड़ू लगै

भट गाडी भरवाय, सूंघै मोल मतीरियाँ॥12

पण परसंग्यां पेस, गाँव धणी धनवान गळ

कोछां कस बँध खेस, मोवण भेंट मतीरियाँ॥13

तुरँत संबँधी त्यार, बेली ढबी ढालबँध

मितरां री मनुवार, प्रेमी प्यार मतीरियाँ॥14

हद परदेस्यां हेत, खेत बूर खांडा धरण

चाव चुवै चढ़ चेत, ढोवै ढक्या मतीरियाँ॥15

न्यानरियाँ में नाख, सामो करणै सावढाँ

रोवां हाळा राख, आलां अजब मतीरियाँ॥16

सीकंटै सीकां, धोळा भकभूरा धिणां

फट्टांळा फीकां, कोळै कळां मतीरियाँ॥17

आलघटा छिबओळ, सीरा सक्कर सुजियां

कापै पतळै कोळ, मूणपठाण मतीरियाँ॥18

लाल कसूमां लोर, आल-बालमन मोवणा

डोरम बीजां डोर, हिवड़ै हार मतीरियाँ॥19

सिरै मतीरा सैद, सोन सजळ फळ खळभळा

सुधा वतावै वैद, खुरची खपरी खोपरा॥20

मूँ’ राणी मिळकार, माळी मन गोखै लखै

टच सेठी टिचकार, मोखै माँग मतीरियाँ॥21

बामणियां बीजां, सूका पाका सिफळियां

कढ मिसरी कूंजां, धोळी गिरी मतीरियाँ॥22

आखा दिन अमीर, भूख तिसा भंजण तकै

पसवां पाँखी कीर, रंजै मनां मतीरियाँ॥23

सेव संतरा छोड़, आम अमोल अंगूरिया

पा’ड़ां उडिया डोड, मौजां खाण मतीरियाँ॥24

ना’नै नकरु नेह, गुड़, गादड़ गोधां गधां

सजै सिरावण सेह, मन मनवार मतीरियाँ॥25

रगड़ै गिरमी रोग, खग्गड़ वणज्यै खाणियां

भाजै वादी भोग, गुण गंभीर मतीरियाँ॥26

भोम धरा भंडाण, बळती गिरमी बावड़ै

खारक मीठी खाण, सगती साजन सिफळियाँ॥27

रोवां रिसक रसाळ, सगत रगत वध सोगणै

लाल कसूँमै लाळ, मुरधर सगुण मतीरियाँ॥28

अैंठ भींट के काम, सूग पूग सुरगां गई

सरद सबेरै साम, सीजै साग मतीरियाँ॥29

तीतर चींया टाँच, काण कुबायलिया करै

सुका सिफळती सांच, सागां सुखां मतीरियाँ॥30

खपरी बीजां खाज, बीज तेल माछर वळै

रेल भरावै भाज, मीलां मिलण मतीरियाँ॥31

हिवड़ै हरखी बेल, नरमां नाळां फूलड़ां

डुली डाळियां झेल, माळां गळां मतीरियाँ॥32

खेत सुवागण खेल, धोरां पसरै धूपटी

नवळी नागर बेल, मनहर लगण मतीरियाँ॥33

सुवा पांखी पान, मोर पाँख वर नाळ वध

जबर ताँसुवां जान, मवड़ां महक मतीरियाँ॥34

गूंद गिरी रसधार, मिसरी टिपिलबॉक्स मन

ईंमीं गटक अपार, मेवां फाळ मतीरियाँ॥35

चिड़्याँ उडै चूंचाय, झालर जूजळियाँ झिलै

गुणां गिलारी गाय, मुस्सां गीत मतीरियाँ॥36

खोती बकरी खाय, अगड़ी ऊँट अड़ीड़कर

फाकै फिड़कां फाय, मायड़ लटां मतीरियाँ॥37

सांठळ खपरी सूख, कुचरां मोड़ कचोळियाँ

लेत लगावण लूख, जीमण जुगत मतीरियाँ॥38

बोरां भर-भर बीज, वोपारी गाडी भरै

चट मीलां जै: चीज, मालै बीज मतीरियाँ॥39

बम्बोई बंगाल, जावै कतली जोत में

मुलकां ब्यावां माल, मंगळ मौज मतीरियाँ॥40

सेठ करै मन कोड, सा:ब मिलण डाली सजै

छांट सिफळियां छोड, कापै काट मतीरियाँ॥41

ऊगी मै: बिच बेल, गुणाकार गजबण घणी

माता ओरी मेल, ओखद देण मतीरियाँ॥42

खदबद गोटां खीर, रोटां रँग जाणो जबर

नव छाछेतै नीर, काचै मोल मतीरियाँ॥43

दारू आछो दाख, साख मान तीखो मिणा

भून्यां बीजां भाख, मांग दुपैर मतीरियाँ॥44

खांड कंद झर खाड, तीखा ओळा तपत रा

विसळूंमा नै बाड, माथै वेल मतीरियाँ॥45

तूंबा देवां तोड़, नाट नसल नुगरां करां

उपज खड़ावै खोड़, माँझी खेत मतीरियाँ॥46

मरू भोम मालीद, मलोमल्ल फळ मोकळा

मनपत जीव मुफीद, मैं’मा घणी मतीरियाँ॥47

चीयां इमरत चाँद, झारो झारै नेम निव

सीळी रातां साँ’द, मीठो भरै मतीरियाँ॥48

मुड़ मनवारां फोड़, तोड़ वेल ताँसू निरख

जो मारूमन जोड़, मादक डळी मतीरियाँ॥49

मन ठंडो, तन मोर, जन-जन जीधन सरस फळ

मरुधर मिनख विभोर, माखण-छकण मतीरियाँ॥50

वा:ला फळ वेजोड़, वागड़ खेतां वधमणा

हरख करै कुण होड़, रसना मधुर मतीरियाँ॥51

च्यारूं रुत चौसार, ठण्ड ठरावै धूजणी

भूख वैभकी मार, माड़ी जाण मतीरिया॥52

कदै भूलै कोड, सीरै मनस्यां, सेरणी

हिवना हवै सरोढ, मधु सूं गरज मतीरियाँ॥53

भूधर कितरो भार, जळ समदर रो तोल के?

वड मतीर मनवार, परब उमंगां ऊछबां॥54

रळ रसना री राग, तन-मन माखण तरळ मछ

जोग मतीरां जाग, मोळ भजण खण खुख खजण॥55

कूंजा गिरी गुलाब, रोवां डोरां रस डबल

अबल मतीरां आब, रतनां रळी बधावणा॥56

छोल्या ओग उबाळ, मगज मतीरां री जयां

तूम्बा रसना टाळ, मीठा बणै ऊँट गळ॥57

मैंणतियां री मौज, घर-घुसिया जाणै किसी

खावै सुधियाँ खोज, ताँसू तोड़ मतीरिया॥58

स्रोत
  • पोथी : दस दात ,
  • सिरजक : साहित्य महोपाध्याय नानूराम संस्कर्ता ,
  • प्रकाशक : लोक साहित्य प्रतिष्ठान, कालू-बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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